श्रीनाथ सिंह

श्रीनाथ सिंह की रचनाएँ

सीखो फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना। तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना! सीख…

3 months ago