सफ़िया शमीम

सफ़िया शमीम की रचनाएँ

शम-ए-उम्मीद जला बैठे थे  वो हसरत-ए-बहार न तूफ़ान-ए-ज़िंदगी आता है फिर रूलाने का अब्र बहार क्यूँ आलाम-ओ-ग़म की तुंद हवादिस…

2 months ago