हनीफ़ साग़र की रचनाएँ

हनीफ़ साग़र की रचनाएँ

कहता हूँ मुहब्बत है ख़ुदा कहता हूँ महब्बत है ख़ुदा सोच समझकर ये ज़ुर्म अगर है तो बता सोच समझकर…

3 months ago