हम्माद नियाज़ी की रचनाएँ

हम्माद नियाज़ी की रचनाएँ

बे-सबब हो के बे-क़रार आया  बे-सबब हो के बे-क़रार आया मेरे पीछे मिरा ग़ुबार आया चंद यादों का शोर था…

3 months ago