हरिप्रसाद द्विवेदी

हरिप्रसाद द्विवेदी की रचनाएँ

दोहा / भाग 1 जयति कंस-करि-केहरी, मधु-रिपु केशी-काल। कालिय-मद-मर्दन हरे, केशव कृष्ण कृपाल।।1।। आदि मध्य अबसान हूँ, जा में उदित…

3 months ago