हसरत मोहानी की रचनाएँ

हसरत मोहानी की रचनाएँ

वो जब ये कहते हैं तुझ से ख़ता ज़रूर हुई  वो जब ये कहते हैं तुझ से ख़ता ज़रूर हुई…

11 months ago