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शम्भु की रचनाएँ

शम्भु की रचनाएँ

दृग लाल बिसाल उनीँदे कछू गरबीले लजीले सुपेखहिँगे ग लाल बिसाल उनीँदे कछू गरबीले लजीले सुपेखहिँगे । कब धौँ सुथरी बिखरी अलकैँ झपकी पलकैँ अवरेखहिँगे… Read More »शम्भु की रचनाएँ