यगाना चंगेज़ी

यगाना चंगेज़ी की रचनाएँ

शे’र फिरते हैं भेस में हसीनों के। कैसे-कैसे डकैत थांग-की-थांग॥ आह! यह बन्दये-ग़रीब आपसे लौ लगाये क्यों? आ न सके…

1 month ago