Poetry

हरजिन्दर सिंह लाल्टूकी रचनाएँ

देखो, हर ओर उल्लास है 1 पत्ता पत्ते से फूल फूल से क्या कह रहा है मैं तुम्हारी और तुम…

1 hour ago

लालित्य ललित की रचनाएँ

हमारे माँ-बाप / समझदार किसिम के लोग चाहते हो मायूस होना ? क्यों चाहते हो ? किसलिए चाहते हो ? किसके लिए चाहते…

21 hours ago

लाला जगदलपुरी की रचनाएँ

सज्जन कितना बदल गया है दहकन का अहसास कराता, चंदन कितना बदल गया है मेरा चेहरा मुझे डराता, दरपन कितना…

21 hours ago

लालचन्द राही की रचनाएँ

मोची की व्यथा  फटे जूते सी ज़िन्दगी सीने के लिए चमड़ा काटता है वह किसी की जेब या गला नहीं…

22 hours ago

लाल चंद प्रार्थी ‘चाँद’ कुल्लुवी की रचनाएँ

ख़ुश्क़ धरती की दरारों ने किया याद अगर ख़ुश्क़ धरती की दरारों ने किया याद अगर उनकी आशाओं का बादल…

22 hours ago

लाल कवि की रचनाएँ

छाये नभमंडल मैं, सलज सघन घन छाये नभमंडल मैं, सलज सघन घन, कारे पीरे श्वेत रंग, धारतै रहत हैं। 'लाल'…

23 hours ago

लाखन सिंह भदौरिया की रचनाएँ

मुक्तक  धूप जैसे गन्ध में, आकर नहाये। रूप जैसे छन्द में, आकर नहाये। नाद लय में याद यों डूबी हुई-…

23 hours ago

लवली गोस्वामी की रचनाएँ

प्रेम पर फुटकर नोट्स- 1  जिन्हें यात्राओं से प्रेम होता है वे यात्री की तरह कम फ़क़ीरों की तरह अधिक…

23 hours ago

लल्लीप्रसाद पांडेय की रचनाएँ

बानर जी आँखों पर चश्मा है सुंदर, सिर पर गांधी टोपी है, और गले में पड़ा दुपट्टा, निकली बाहर चोटी…

24 hours ago

ललित मोहन त्रिवेदी की रचनाएँ

आईना भी मुझे बरगलाता रहा  ग़ज़ल आईना भी मुझे , बरगलाता रहा ! दाहिने को वो बाँया दिखाता रहा !! दुश्मनी की…

24 hours ago