Poetry

ज़फ़र’ मुरादाबादी की रचनाएँ

बढ़े कुछ और किसी इल्तिजा से कम न हुए ‎ बढ़े कुछ और किसी इल्तिजा से कम न हुए मेरी…

7 hours ago

‘ज़फ़र’ इक़बाल की रचनाएँ

अभी आखें खुली हैं और क्या क्या अभी आखें खुली हैं और क्या क्या देखने को मुझे पागल किया उस…

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माखनलाल चतुर्वेदी की रचनाएँ

एक तुम हो गगन पर दो सितारे: एक तुम हो, धरा पर दो चरण हैं: एक तुम हो, ‘त्रिवेणी’ दो…

7 hours ago

महेश सन्तोषी की रचनाएँ

इन्कलाब के मायने तक भूल गये लोग किधर गयीं वे बस्तियाँ, वे शहर, वे लोग? अब तो इन्कलाब के माइने…

7 hours ago

महेश सन्तुष्टकी रचनाएँ

भाषा मैंने भोंकने वाले जानवरों की भाषा में एक ही लय देखी है। और देखा है चिन्तकों को मूक भाषा…

7 hours ago

महेश वर्मा की रचनाएँ

चेहरा पता नहीं तुम कितने अन्तिम संस्कारों में शामिल हुए कितनी लाशें देखी लेकिन फिर ज़ोर देता हॅूँ इस पर…

8 hours ago

महेश मनमीत की रचनाएँ

दोहे-1 बँटवारे का मामला, पहुँचा जब तहसील। अपने से लगने लगे, मुंशी और वकील॥ संगत पर मुझको दिखा, जब दुनियावी…

8 hours ago

महेश चंद्र पुनेठा की रचनाएँ

ट्राइबल हेरिटेज म्यूजियम वहाँ नहीं है कोई राजा-रानी का रंगमहल जादुई आईना रत्न जड़ित राजसिंहासन पालना न कोई भारी-भरकम तलवार-ठाल-बरछी…

9 hours ago

महेश चंद्र ‘नक्श’की रचनाएँ

फ़ाएदा क्या तुम्हें सुनाने का ‎ फ़ाएदा क्या तुम्हें सुनाने का मौत उनवाँ है इस फ़साने का हम भी अपने…

9 hours ago

महेश चंद्र द्विवेदी की रचनाएँ

अन्यों से विशेष मैं अन्यों से विशेष हूं? मैं जानता हूं कि जिस दिन मैं इस संसार में जन्मा था,…

9 hours ago