अंसार कम्बरी

अंसार कम्बरी की रचनाएँ

कलजुगी दोहे केवल परनिंदा सुने, नहीं सुने गुणगान। दीवारों के पास हैं, जाने कैसे कान ।। सूफी संत चले गए,…

3 months ago