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मलिक मोहम्मद जायसी

स्तुति-खंड   सुमिरौं आदि एक करतारू । जेहि जिउ दीन्ह कीन्ह संसारू ॥ कीन्हेसि प्रथम जोति परकासू । कीन्हेसि तेहि…

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मलयज की रचनाएँ

चीख से उतरकर  Script  मेरे हाथ में एक कलम है जिसे मैं अक्सर ताने रहता हूँ हथगोले की तरह फेंक…

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मलय की रचनाएँ

कैसे छोड़ दूँ यह दुनिया मैं इतनी जल्दी कैसे छोड़ दूँ यह दुनिया! अभी सूखती नदियों की तरह उदास खड़ी…

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मलखान सिंह की रचनाएँ

सफ़ेद हाथी गाँव के दक्खिन में पोखर की पार से सटा, यह डोम पाड़ा है - जो दूर से देखने…

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मरदान अली खान ‘राना’ की रचनाएँ

गयी जो तिफ़्ली तो फिर आलम-ए-शबाब आया गयी जो तिफ़्ली[1] तो फिर आलम-ए-शबाब[2] आया गया शबाब तो अब मौसम-ए-ख़िज़ाब आया मैं शौक़-ए-वस्ल[3] में…

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मयंक अवस्थी की रचनाएँ

तारों से और बात में कमतर नहीं हूँ मैं तारों से और बात में कमतर नहीं हूँ मैं जुगनू हूँ…

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‘ममनून’ निज़ामुद्दीन की रचनाएँ

झुकी निगह में है ढब पुर्सिश-ए-निहानी का ‎ झुकी निगह में है ढब पुर्सिश-ए-निहानी का हया में ज़ोर दिया रंग…

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ममता व्यास की रचनाएँ

शब्दवती मैंने जाना शब्द कैसे पनपते हैं भीतर तुम मुझे शब्दवती करते थे हर बार मन की कोख हरी होती…

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ममता किरण की रचनाएँ

स्त्री स्त्री झाँकती है नदी में निहारती है अपना चेहरा सँवारती है अपनी टिकुली, माँग का सिन्दूर होठों की लाली,…

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ममता कालिया की रचनाएँ

खांटी घरेलू औरत 1. कभी कोई ऊंची बात नहीं सोचती खांटी घरेलू औरत उसका दिन कतर-ब्योंत में बीत जाता है…

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