‘इस्माइल’ मेरठी

‘इस्माइल’ मेरठी की रचनाएँ

आगाज़-ए-इश्क़ उम्र का अंजाम हो गया आगाज़-ए-इश्क़ उम्र का अंजाम हो गया नाकामियों के ग़म में मिरा काम हो गया।…

2 months ago