घनश्याम चन्द्र गुप्त

घनश्याम चन्द्र गुप्त की रचनाएँ

तुम असीम रूप तुम्हारा, गंध तुम्हारी, मेरा तो बस स्पर्श मात्र है लक्ष्य तुम्हारा, प्राप्ति तुम्हारी, मेरा तो संघर्ष मात्र…

3 months ago