जतिन्दर परवाज़

जतिन्दर परवाज़ की रचनाएँ

आँखें पलकें गाल भिगोना ठीक नहीं आँखें पलकें गाल भिगोना ठीक नहीं छोटी-मोटी बात पे रोना ठीक नहीं गुमसुम तन्हा…

1 month ago