ज़फ़र सहबाई

ज़फ़र सहबाई की रचनाएँ

अक्स ज़ख़्मों का जबीं पर नहीं आने देता अक्स ज़ख़्मों का जबीं पर नहीं आने देता मैं ख़राश अपने यक़ीं…

10 months ago