ताजवर नजीबाबादी

ताजवर नजीबाबादी की रचनाएँ

मोहब्बत में ज़बाँ को मैं नवा-संज-ए-फ़ुग़ाँ कर लूँ मोहब्बत में ज़बाँ को मैं नवा-संज-ए-फ़ुग़ाँ कर लूँ शिकस्ता दिल की आहों…

4 months ago