तारादत्त निर्विरोध

तारादत्त निर्विरोध की रचनाएँ

किरन के नाम सुबह-सुबह को भेंट गई शाम की चुभन, उस किरन के नाम कोई पत्र तो लिखो। खुली जो…

9 months ago