‘फ़य्याज़’ फ़ारुक़ी

‘फ़य्याज़’ फ़ारुक़ी की रचनाएँ

जुगनू हवा में ले कि उजाले निकल पड़े ‎ जुगनू हवा में ले कि उजाले निकल पड़े यूँ तीरगी से…

5 days ago