फ़राग़ रोहवी

फ़राग़ रोहवी की रचनाएँ

देखा जो आईना तो मुझे सोचना पड़ा देखा जो आईना तो मुझे सोचना पड़ा ख़ुद से न मिल सका तो…

6 months ago