बहादुर शाह ज़फ़र

बहादुर शाह ज़फ़र की रचनाएँ

पसे-मर्ग मेरे मजार पर पसे-मर्ग मेरी मजार पर जो दिया किसी ने जला दिया । उसे आह! दामन-ए-बाद ने सरेशाम…

3 months ago