बालस्वरूप राही

बालस्वरूप राही की रचनाएँ

ज़िन्दगी क्रम जो काम किया, वह काम नहीं आएगा इतिहास हमारा नाम नहीं दोहराएगा जब से सुरों को बेच ख़रीदी…

6 days ago