‘रशीद’ रामपुरी

‘रशीद’ रामपुरी की रचनाएँ

अहल-ए-नज़र की आँख में हुस्न की आबरू नहीं अहल-ए-नज़र की आँख में हुस्न की आबरू नहीं यानी ये गुल है…

4 weeks ago