राजेन्द्र प्रसाद सिंह

राजेन्द्र प्रसाद सिंह की रचनाएँ

विरजपथ इस पथ पर उड़ती धूल नहीं । खिलते-मुरझाते किन्तु कभी तोड़े जाते ये फूल नहीं । खुलकर भी चुप…

3 weeks ago