राजेश्वर ‘गुरु’

राजेश्वर ‘गुरु’की रचनाएँ

कौआ मामा बिल्ली मेरी प्यारी मौसी कौआ मेरा मामा! बिल्ली पहने फ्रॉक गरारा, कौआ जी पाजामा! काँव-काँव कौआ जी बोलें…

2 weeks ago