वीरेंद्र शर्मा

वीरेंद्र शर्मा की रचनाएँ

मुन्ना भीग गया बूँदें गिरती बड़ी-बड़ी बूँदों की लग गई झड़ी, गिरती जब करती तड़-तड़ पत्ते करते हैं खड़-खड़। सड़कों…

1 month ago