शिवदेव शर्मा ‘पथिक’

शिवदेव शर्मा ‘पथिक’ की रचनाएँ

वाणी-वन्दना  प्यासे प्राणों की धरती पर तू तरस-बरस हे स्नेहमयी, हे किरणमयी, अनुरागमयी! स्वर जगा कुहा की इस पथराई बेला…

2 months ago