अनुज कुमार

अनुज कुमार की रचनाएँ

कोई पूछता चावल,बोरे में बचा था कुछ चावल,चावल -- जिससे मिटाते हैं भूख,चावल बस एक समय का ।इन्तज़ार,रात का इन्तज़ार,स्याह…

3 months ago