अभिराम शर्मा

अभिराम शर्मा की रचनाएँ

पागलपन  जीवन मुक्त हुआ उन्मादी! दे दे मुझे गरल की प्याली- क्यों मेरी मदिरा ढुलका दी? अरे, अरे! यह भीषण…

3 months ago