अमीर हम्ज़ा साक़िब

अमीर हम्ज़ा साक़िब की रचनाएँ

बदन के लुक़मा-ए-तर को हराम कर लिया है  बदन के लुक़मा-ए-तर को हराम कर लिया है के ख़्वान-ए-रूह पे जब…

2 months ago