असर लखनवी

असर लखनवी की रचनाएँ

शेर  शिकवा किया था अज़ रहे-उल्फ़त, तंज़ समझकर रूठे हो हम भी नादिम अपनी ख़ता पर, आओ, तुम भी जाने…

2 months ago