इफ़्फ़त ज़रीन

इफ़्फ़त ज़रीन की रचनाएँ

अगर वो मिल के बिछड़ने का हौसला रखता  अगर वो मिल के बिछड़ने का हौसला रखता तो दरमियाँ न मुक़द्दर…

2 months ago