इसाक अश्क

इसाक अश्क की रचनाएँ

अभिमत बदलते हैं रंग गिरगिट की तरह अभिमत बदलते हैं । रोज़ करते हैं तरफ़दारी अंधेरों की रोशनी को लूटने…

2 months ago