क़ुली ‘क़ुतुब’ शाह

क़ुली ‘क़ुतुब’ शाह की रचनाएँ

प्यारी के नयनाँ हैं जैसे कटारे  प्यारी के नयनाँ हैं जैसे कटारे न सम उस के अंगे कोई हैं धारे…

2 months ago