खातिर ग़ज़नवी

खातिर ग़ज़नवी की रचनाएँ

आरज़ूएँ ना-रसाई रू-ब-रू मैं और तू  आरज़ूएँ ना-रसाई रू-ब-रू मैं और तू क्या अजब क़ुर्बत थी वो भी मैं न…

2 months ago