जुबैर रिज़वी

जुबैर रिज़वी की रचनाएँ

बिछड़ते दामनों में फूल की कुछ पत्तियाँ रख दो बिछड़ते दामनों में फूल की कुछ पत्तियाँ रख दो तअल्लुक़ की…

4 weeks ago