रमानाथ अवस्थी

रमानाथ अवस्थी की रचनाएँ

करूँ क्या  सुर सब बेसुरे हुए करूँ क्या ? उतरे हुए सभी के मुखड़े सबके पाँव लक्ष्य से उखड़े उखड़ी हुई…

3 weeks ago