रानी रघुवंशकुमारी

रानी रघुवंशकुमारी की रचनाएँ

पद / 1 पग दाबे तो जीवन मुक्ति लही। विष्णुपदी सम पति-पदपंकज छुवत परमपद होवे सही॥ निरखि निरखि मुख अति…

3 weeks ago