विशाल समर्पित

विशाल समर्पित की रचनाएँ

तुम जैसा मनमीत नहीं है कसम खुदा की खाकर कहता तुम जैसा मनमीत नहीं है जितनी सुन्दर तुम हो उतना,…

2 months ago