शान-उल-हक़ हक़्क़ी

शान-उल-हक़ हक़्क़ी की रचनाएँ

ऐ दिल अब और कोई क़िस्सा-ए-दुनिया न सुना ऐ दिल अब और कोई क़िस्सा-ए-दुनिया न सुनाछेड़ दे ज़िक्र-ए-वफ़ा हाँ कोई…

2 months ago