श्याम कश्यप बेचैन

श्याम कश्यप की रचनाएँ

क्रांतिकारी विचार  तुम दफ़ना आए थे उन्हें पहाड़ों के पार गहरी क़ब्रों के भीतर लेकिन वहाँ हरी-हरी घास उग आई…

2 months ago

श्याम कश्यप बेचैन की रचनाएँ

सफ़र है, सफ़र में सबर रख के चल सफ़र है, सफ़र में सबर रख के चल कहाँ है तू इसकी…

2 months ago