‘क़ैसर’ निज़ामी

‘क़ैसर’ निज़ामी की रचनाएँ

आतिश-ए-सोज़-ए-मोहब्बत को बुझा सकता हूँ मैं  आतिश-ए-सोज़-ए-मोहब्बत को बुझा सकता हूँ मैं दीदा-ए-पुर-नम से इक दरिया बहा सकता हूँ मैं…

2 months ago