ख़ुर्शीद अहमद ‘जामी’

ख़ुर्शीद अहमद ‘जामी’ की रचनाएँ

ऐ इंतिज़ार-ए-सुब्ह-ए-तमन्ना ये क्या हुआ  ऐ इंतिज़ार-ए-सुब्ह-ए-तमन्ना ये क्या हुआ आता है अब ख़याल भी तेरा थका हुआ पहचान भी…

2 months ago