छत्तीसगढ़ी

लाला जगदलपुरी की रचनाएँ

सज्जन कितना बदल गया है दहकन का अहसास कराता, चंदन कितना बदल गया है मेरा चेहरा मुझे डराता, दरपन कितना…

3 months ago

कुंजबिहारी चौबे की रचनाएँ

आँखी मा हमर धुर्रा झोंक दिये आँखी मा हमर धुर्रा झोंक दिये, मुड़ी मा थोप दिये मोहनी । अरे बैरी…

3 months ago