भोजपुरी

कैलाश गौतम की रचनाएँ

गंगा गंगा की बात क्या करूँ गंगा उदास है, वह जूझ रही ख़ुद से और बदहवास है। न अब वो…

2 months ago

केदारनाथ पाण्डेय की रचनाएँ

मोती बरसा जाता रिमझिम रिमझिम गगन मगन हो मोती बरसा जाता । शतदल के दल दल पर ढलकर नयन नयन…

2 months ago

लक्ष्मीकान्त मुकुल की रचनाएँ

छनो भर खातिर उनुका लगे ना रहे कौनो टाट के मड़ई आ फूंस-मूंजन के खोंता ऊ चिरई ना रहन भा…

2 months ago

हीरा डोम की रचनाएँ

अछूत की शिकायत हमनी के राति दिन दुखवा भोगत बानी हमनी के साहेब से मिनती सुनाइबि। हमनी के दुख भगवानओं…

3 months ago