‘अज़हर’ इनायती

‘अज़हर’ इनायती की रचनाएँ

ग़मों से यूँ वो फ़रार ग़मों से यूँ वो फ़रार इख़्तियार करता था फ़ज़ा में उड़ते परिंदे शुमार करता था…

3 months ago