अनवर जलालपुरी

अनवर जलालपुरी की रचनाएँ

उम्र भर जुल्फ-ए-मसाऐल यूँ ही सुलझाते रहे उम्र भर जुल्फ-ए-मसाऐल यूँ ही सुलझाते रहेदुसरों के वास्ते हम खुद को उलझाते…

3 months ago