अनीता मौर्या

अनीता मौर्या की रचनाएँ

तुम्हारा अक़्स उभरा जा रहा है  तुम्हारा अक़्स उभरा जा रहा है, लहू आँखों से बहता जा रहा है, मैं…

3 months ago