अबरार आज़मी

अबरार आज़मी की रचनाएँ

एहसास लम्हात का हयूला कुछ भूलने लगा था आवाज़ का सरापा कुछ ऊँघने लगा था सन्नाटा पा-शिकस्ता कुछ बोलने लगा…

3 months ago