अबू मोहम्मद सहर

अबू मोहम्मद सहर की रचनाएँ

अब तक इलाज-ए-रंजिश-ए-बे-जा न कर सके अब तक इलाज-ए-रंजिश-ए-बे-जा न कर सके इक उम्र में भी हुस्न को अपना न…

3 months ago