अमीर इमाम

अमीर इमाम की रचनाएँ

अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ  अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ मैं ज़िंदगी तिरा इक पैरहन उतारा हुआ सियाह-ख़ून…

3 months ago